चंद्रकला उत्तर भारत की एक पारंपरिक मिठाई है, जिसे विशेष रूप से सावन, नागपंचमी, तीज, रक्षाबंधन और अन्य शुभ अवसरों पर बनाया जाता है। बाहर से कुरकुरी, अंदर से मावे और मेवों की भरावन तथा चाशनी की मिठास से भरपूर चंद्रकला हर त्योहार की रौनक बढ़ा देती है।
आवश्यक सामग्री (10–12 चंद्रकला के लिए)
आटा तैयार करने के लिए
- मैदा – 2 कप
- घी – 4 बड़े चम्मच (मोयन के लिए)
- नमक – 1 चुटकी
- गुनगुना पानी – आवश्यकतानुसार
भरावन के लिए
- मावा (खोया) – 250 ग्राम
- पिसी चीनी – ½ कप
- कटे हुए बादाम – 2 बड़े चम्मच
- कटे हुए पिस्ता – 2 बड़े चम्मच
- काजू (कटे हुए) – 2 बड़े चम्मच
- किशमिश – 2 बड़े चम्मच
- इलायची पाउडर – ½ छोटा चम्मच
- नारियल का बूरा – 2 बड़े चम्मच (वैकल्पिक)
चाशनी के लिए
- चीनी – 2 कप
- पानी – 1 कप
- केसर – कुछ रेशे (वैकल्पिक)
- इलायची पाउडर – ¼ छोटा चम्मच
तलने के लिए
- घी या रिफाइंड तेल – आवश्यकतानुसार
बनाने की विधि
आटा तैयार करें
- मैदा में घी और नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें।
- गुनगुने पानी की सहायता से मध्यम सख्त आटा गूंध लें।
- आटे को ढककर 20–25 मिनट के लिए रख दें।
भरावन तैयार करें
- एक बाउल में मावा को अच्छी तरह मसल लें।
- इसमें पिसी चीनी, बादाम, पिस्ता, काजू, किशमिश, नारियल का बूरा और इलायची पाउडर मिलाएँ।
- सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाकर तैयार रखें।
चंद्रकला बनाएँ
- आटे की छोटी-छोटी लोइयाँ बना लें।
- प्रत्येक लोई को पूरी के आकार में बेलें।
- एक पूरी के बीच में 1–2 चम्मच भरावन रखें।
- दूसरी पूरी ऊपर से रखकर किनारों को पानी लगाकर अच्छी तरह चिपका दें।
- किनारों को उँगलियों या कांटे (Fork) की सहायता से हल्का डिज़ाइन दें ताकि तलते समय भरावन बाहर न निकले।
चंद्रकला तलें
- कड़ाही में घी या तेल मध्यम आँच पर गरम करें।
- चंद्रकला को धीमी से मध्यम आँच पर सुनहरा होने तक तलें।
- निकालकर अतिरिक्त घी निकलने दें।
चाशनी तैयार करें
- चीनी और पानी को उबालें।
- एक तार की चाशनी बनने तक पकाएँ।
- इलायची पाउडर और केसर डालकर गैस बंद कर दें।
चाशनी में डुबोएँ
- तली हुई चंद्रकला को 2–3 मिनट तक गुनगुनी चाशनी में डुबोकर रखें।
- निकालकर जाली पर रख दें ताकि अतिरिक्त चाशनी निकल जाए।
सजाने और परोसने का तरीका
- ऊपर से कटे हुए पिस्ता, बादाम और केसर से सजाएँ।
- चाहें तो चाँदी का वर्क भी लगा सकते हैं।
- हल्की ठंडी या कमरे के तापमान पर परोसें।
स्वाद बढ़ाने के सुझाव
- भरावन में थोड़ा सा भुना हुआ सूखा नारियल मिलाने से स्वाद और भी बढ़ जाता है।
- चंद्रकला को हमेशा धीमी आँच पर तलें, इससे यह कुरकुरी और समान रूप से सुनहरी बनती है।
- चाशनी में अधिक देर तक न रखें, अन्यथा मिठाई बहुत नरम हो सकती है।
- यदि मावा उपलब्ध न हो, तो मावा पाउडर या मिल्क पाउडर से भी स्वादिष्ट भरावन तैयार किया जा सकता है।
- त्योहारों के लिए इसे एक दिन पहले बनाकर एयरटाइट डिब्बे में सुरक्षित रखा जा सकता है।
नागपंचमी का विशेष महत्व
सावन की नागपंचमी पर घर में बनी चंद्रकला को शुभ माना जाता है। इसे पूजा के बाद परिवार और अतिथियों को प्रसाद के रूप में परोसा जाता है। कुरकुरी परत, मावे की समृद्ध भरावन और हल्की मीठी चाशनी इसे इस पावन पर्व की एक विशेष पारंपरिक मिठाई बनाती है।
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